लोहाघाट क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक में योजनाओं और जनसमस्याओं पर चार घंटे मंथन।
लोहाघाट। लोहाघाट क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जब तक ग्रामीण जनप्रतिनिधि और प्रशासन एक-दूसरे के पूरक बनकर कार्य नहीं करेंगे, तब तक सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुँच सकता। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आम नागरिक को यह महसूस हो कि शासन उसकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह है।
बैठक में जिलाधिकारी के पहुंचने पर सदन ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जिलाधिकारी की कार्यशैली के चलते आम लोग स्वयं को प्रशासन के अधिक नज़दीक महसूस कर रहे हैं। क्षेत्र पंचायत प्रमुख महेंद्र ढेंक ने कहा कि पहली बार ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को नज़दीक से देखने का अवसर मिला है।
बैठक की शुरुआत बीडीओ के.एस. रावत द्वारा पिछली कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत करने से हुई। बैठक का संचालन एडीओ उमाकांत पंत ने किया, जबकि अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख महेंद्र ढेंक ने की। लगभग चार घंटे चली बैठक में पंचायत क्षेत्रों में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध, गुलदार एवं जंगली जानवरों से प्रभावित क्षेत्रों में तारबाड़, एनसीडीसी योजना के तहत दुधारू गाय उपलब्ध कराने, स्थानीय स्तर पर कृषि यंत्र निर्माण, सब्जी एवं फल नर्सरी स्थापना तथा विद्यालयों के नियमित निरीक्षण जैसे प्रस्ताव रखे गए।
जिलाधिकारी ने सभी गांवों के सार्वजनिक स्थलों एवं विद्यालयों में सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले को आपदा एवं अन्य मदों में लगभग 153 करोड़ रुपये की सहायता मिलने की संभावनाएं हैं। साथ ही जल निगम व जल संस्थान को यूजर चार्ज के माध्यम से योजनाओं के रखरखाव और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के डिजिटाइजेशन के बाद ही किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, फसल बीमा एवं केवाईसी को अनिवार्य बताया गया। वहीं जनप्रतिनिधियों ने कृत्रिम गर्भाधान के नाम पर अवैध वसूली का मुद्दा उठाया, जिस पर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने ठंड के मौसम में हार्ट अटैक व अन्य बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 50 बेड का क्रिटिकल केयर अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जबकि लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में नई ओटी समेत अन्य सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि लोहाघाट आयुर्वेदिक अस्पताल में क्षारसूत्र पद्धति से बवासीर व भगंदर के ऑपरेशन शुरू हो गए हैं, जिससे अब मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। महिला रोगियों के लिए महिला सर्जन की भी तैनाती की गई है।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत बैठकों की कार्यवृत्त “सभासार पोर्टल” पर अपलोड करने पर जोर देते हुए भूजल संरक्षण, ग्राउंडवाटर मैनेजमेंट एक्ट के प्रचार तथा नाबार्ड के सहयोग से ग्रामीण सड़कों के निर्माण में तेजी लाने की बात कही।
बैठक में एडीएम के.एन. गोस्वामी, सीएमओ डॉ. देवेश चौहान, एसडीएम नितेश डांगर, विधायक प्रतिनिधि चांद बोहरा, अमित राय, डॉ. अमर सिंह कोटियाल, कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश चंद्र सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो_लोहाघाट बीडीसी बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी। मंचासीन जिलाधिकारी मनीष कुमार, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र ढेंक व अन्य।
चंपावत: ग्रामीण विकास के लिए प्रशासन–जनप्रतिनिधियों का समन्वय ज़रूरी-जिलाधिकारी।
