चंपावत: “जागरूक नागरिक, सशक्त राष्ट्र” के संदेश संग चंपावत सरस कार्बेट महोत्सव–2026 का भव्य समापन

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विधिक साक्षरता से लेकर विज्ञान प्रदर्शनी तक, जनभागीदारी और जागरूकता के संग विविध कार्यक्रमों ने छोड़ी अमिट छाप


चंपावत।  जनजागरूकता, सहभागिता और सांस्कृतिक समृद्धि के संग आयोजित चंपावत सरस कार्बेट महोत्सव का अंतिम दिन “जागरूक नागरिक, सशक्त राष्ट्र” की सार्थक थीम के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। समापन दिवस पर प्रशासन, विभिन्न विभागों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने महोत्सव को यादगार बना दिया।
समापन अवसर पर नागरिकों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग करने हेतु विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल अधिकार, उपभोक्ता संरक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने आमजन को न्यायिक प्रक्रियाओं और कानूनी सहायता के प्रति जागरूक किया।
बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से समाज को इस कुप्रथा के दुष्परिणामों और कानूनी प्रतिबंधों के बारे में बताया गया। वक्ताओं ने बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, नशामुक्त वाहन संचालन और सुरक्षित परिवहन के महत्व पर जोर दिया गया। वहीं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम में बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, बचत योजनाओं, बीमा और साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं, जिससे नागरिक आर्थिक रूप से सशक्त और सुरक्षित बन सकें।
महोत्सव के दौरान शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। ऐपण प्रतियोगिता में कुमाऊँनी लोक कला की सुंदर और पारंपरिक झलक देखने को मिली, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नवाचार आधारित मॉडल और वैज्ञानिक अवधारणाएं युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करती नजर आईं। फोटो प्रदर्शनी में जनपद की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, विकास कार्यों और सामाजिक अभियानों की सजीव तस्वीरें प्रदर्शित की गईं, जिन्होंने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। महोत्सव का समापन केवल एक आयोजन का अंत नहीं, बल्कि जागरूक और सशक्त समाज की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में याद किया जाएगा।


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