चंपावत। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पल्सों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत पाण्डेय ने किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को तंबाकू से होने वाली गंभीर बीमारियों और उसके दुष्प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी गई।
एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पाण्डेय ने कहा कि तंबाकू आज समाज के लिए “धीमा जहर” बन चुका है, जो खासकर युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। उन्होंने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने गांव और परिवार में भी लोगों को तंबाकू के नुकसान के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा, “तंबाकू से दूरी ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। यदि युवा पीढ़ी आज जागरूक होगी तो आने वाला समाज स्वस्थ और मजबूत बनेगा।” कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन की जानकारी देते हुए 31 मई से पहले वैक्सीन लगवाने की अपील भी की।
कार्यक्रम में एनटीसीपी काउंसलर हरीश पाण्डेय ने कोटपा एक्ट और तंबाकू छोड़ने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जो लोग तंबाकू छोड़ना चाहते हैं, वे जिला अस्पताल के कमरा नंबर-6 में पहुंचकर काउंसलिंग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से तंबाकू की लत छोड़ी जा सकती है।
इस अवसर पर निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में मुस्कान ने प्रथम, अमन कुमार ने द्वितीय और दीपिका जोशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं निबंध प्रतियोगिता में पूजा भट्ट प्रथम, पूजा जोशी द्वितीय और मीनाक्षी बिनवाल तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रधान प्रतिनिधि खिम सिंह जोशी ने ग्राम पंचायत स्तर पर तंबाकू निषेध अभियान को मजबूत करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने घरों और आसपास के लोगों को तंबाकू के नुकसान के बारे में जरूर बताना चाहिए।
इस दौरान बीसीसी फैसिलिटेटर अमित बिष्ट, एएनएम निर्मला, आशा कार्यकर्ता, सीएचओ रैनू चंद और विद्यालय स्टाफ सहित कई लोग मौजूद रहे।
फोटो– तंबाकू निषेध जागरूकता कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को पुरस्कार वितरित करते एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पाण्डेय।
चंपावत: “तंबाकू छोड़ो, जिंदगी जोड़ो” : बच्चों ने संभाली जागरूकता की कमान, गांव-गांव पहुंचेगा नशामुक्ति का संदेश।

