चंपावत: तकनीक और नवाचार से बदलेगी खेती की तस्वीर, सेतु आयोग ने किसानों संग बनाई कार्ययोजना।

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जनकांडे-खुतेली में संवाद, जंगली जानवरों से सुरक्षा, मृदा परीक्षण और कोल्ड स्टोरेज पर फोकस।

लोहाघाट।  पहाड़ की खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में सेतु आयोग ने जनकांडे और खुतेली ग्रामसभाओं में कृषक गोष्ठी आयोजित कर किसानों से सीधा संवाद किया। सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने जनकांडे स्थित कौशल विकास केंद्र में किसानों, बाटुली एफपीओ और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जमीनी समस्याओं पर चर्चा की।
किसानों ने जंगली जानवरों से फसल नुकसान, मिट्टी की घटती उर्वरता और आधुनिक कृषि उपकरणों की कमी को प्रमुख चुनौतियां बताया। उपाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि एफपीओ के माध्यम से उन्नत तकनीक, मशीनीकरण और वैज्ञानिक सलाह को गांव स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि छह माह के पायलट प्रोजेक्ट के तहत मध्यगंगोल क्षेत्र में जैविक स्प्रे से फसल सुरक्षा, खेतों की मिट्टी के नमूनों का अत्याधुनिक प्रयोगशाला में परीक्षण और रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक उपाय लागू किए जाएंगे। किसानों को बैटरी संचालित हल्के कृषि उपकरण ट्रायल के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे श्रम और लागत दोनों में कमी आएगी।
रेशम विभाग के विनोद माहरा ने किसानों को रेशम उत्पादन को अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में अपनाने की सलाह दी। इसके बाद खुतेली में स्थलीय निरीक्षण और उत्पाद प्रदर्शनी आयोजित हुई। महिला कृषक पुष्पा देवी द्वारा बैटरी संचालित ट्रैक्टर का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा।
इस दौरान खुतेली में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज निर्माण स्थल का निरीक्षण कर संभावनाओं का आकलन किया गया। अधिकारियों ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज बनने से बागवानी और सब्जी उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा तथा फसलों की बर्बादी रुकेगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी रही। सामूहिक प्रयासों और तकनीकी सहयोग से क्षेत्र में खेती को आत्मनिर्भर और लाभकारी बनाने की उम्मीद जताई गई।


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