चंपावत: पशुपालकों की समस्याओं पर डीएम सख्त, भुगतान में देरी की जांच।

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डेयरी व्यवस्था सुधारने के निर्देश, एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब

चंपावत। पशुपालकों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को जिला सभागार में प्रगतिशील पशुपालकों के साथ संवाद में दूध भुगतान, पशुधन बीमा, पशु आहार, साइलेज, भूसा, वन्यजीवों से सुरक्षा तथा पशु चिकित्सालयों में डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता जैसे मुद्दे उठे।

डीएम ने जीएम डेयरी को लंबित दुग्ध भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए। भुगतान में देरी के कारणों की जांच प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह को सौंपी गई है। डेयरी की कार्यप्रणाली पर निगरानी के लिए नियमित निरीक्षण रोस्टर तैयार करने को भी कहा गया।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को लंबित पशुधन बीमा मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण और अधिक से अधिक पशुपालकों को बीमा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। न्याय पंचायत स्तर पर साइलेज, गुणवत्तायुक्त पशु आहार व भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पशु चिकित्सालयों में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी दिए।
बैठक में उठाए गए आरोपों और तकनीकी खामियों को लेकर डीएम ने जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पाटी के बिसारी दुग्ध उत्पादन केंद्र की क्षमता 200 से बढ़कर 900 लीटर होने को जिले में डेयरी क्षेत्र की संभावनाओं का उदाहरण बताया गया।

डीएम ने कहा कि कृषि और पशुपालन ग्रामीण आजीविका के महत्वपूर्ण आधार हैं। पशुपालकों से जुड़े मामलों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।

फोटो_पशुपालकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनते जिलाधिकारी मनीष कुमार।


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