चंपावत: पूर्णागिरि धाम बनेगा सालभर आस्था और पर्यटन का केंद्र, 8.54 करोड़ की योजनाओं को मिली रफ्तार।

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मुख्यमंत्री धामी की घोषणा को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज, बनेगा भव्य प्रशासनिक भवन और हनुमानगढ़ी मंदिर का होगा कायाकल्प।


टनकपुर/चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी योजना के तहत उत्तर भारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले को वर्षभर संचालित करने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। मेला क्षेत्र में स्थायी सुविधाओं के विकास के लिए 8 करोड़ 54 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसमें प्रथम किस्त के रूप में 4 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि इस धनराशि से पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में आधुनिक एवं बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जाएगा। इस भवन के बनने से मेला संचालन से जुड़े सभी विभागों और अधिकारियों को एक ही छत के नीचे कार्य करने की सुविधा मिलेगी, जिससे व्यवस्थाओं का बेहतर समन्वय और संचालन संभव हो सकेगा। इसके साथ ही हनुमानगढ़ी स्थित प्रसिद्ध मंदिर का भी सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास किया जाएगा। मंदिर परिसर को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विश्राम, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले वर्ष पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन अवसर पर मेले को केवल तीन माह तक सीमित न रखकर 365 दिन संचालित करने की घोषणा की थी। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र को आधुनिक विद्युत प्रकाश व्यवस्था से जगमगाने की योजना पर भी कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री की पहल पर पूर्णागिरि धाम को मानसखंड माला मिशन से जोड़ने के बाद क्षेत्र के अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्णागिरि आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का रुख अब चंपावत जिले के अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की ओर भी होगा।
इससे श्यामलाताल, सुखीडांग, चंपावत का गोलू देवता मंदिर, भगवान शिव की प्रसिद्ध शैलधाम परिक्रमा, रिश्वेश्वर महादेव मंदिर, बाराही धाम जैसे स्थलों को भी नई पहचान मिलेगी। धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
पूर्णागिरि धाम को वर्षभर सक्रिय रखने की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को नई मजबूती देगी, बल्कि चंपावत और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।

फोटो – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी


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