सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन का विशेष जोर।
टनकपुर/चंपावत। मां पूर्णागिरी धाम में चल रहे चैत्र मेले के दौरान आज अष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था और देखते ही देखते पूरा मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया। मेला शुरू होने के बाद आज सबसे अधिक भीड़ दर्ज की गई, जिसे संभालने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी ने बताया कि अष्टमी होने के कारण पहले से ही भारी भीड़ की संभावना थी, जिसको देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया था। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए स्वयं मेला मजिस्ट्रेट को भी कई स्थानों पर मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाएं संभालनी पड़ीं।
मेला क्षेत्र में विभिन्न राज्यों और जिलों से आए श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया। भंडारों में प्रसाद ग्रहण करने के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग गई थीं। कई स्थानों पर भीड़ अधिक होने के कारण प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
मुख्य पूर्णागिरी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु तड़के से ही लाइन में लग गए थे। घंटों इंतजार के बाद भक्तों को माता के दर्शन का अवसर मिला। भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।
मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग और मेला प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार सफाई कार्य में जुटी हुई है। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
शारदा घाट में पूर्व में हुई डूबने की घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। घाट पर जल पुलिस, पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम पूरे समय तैनात रही और यात्रियों को नदी में सावधानी बरतने की लगातार अपील की जाती रही।
मेले की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर पालिका और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिससे भारी भीड़ के बावजूद मेला शांतिपूर्ण ढंग से संचालित होता रहा।
फोटो — भंडारे का प्रसाद लेने के लिए कतार में खड़े श्रद्धालु।
चंपावत: पूर्णागिरी मेले में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, अष्टमी पर भारी भीड़।
