चंपावत: रौंकुंवर पहुंचा प्रशासन का मानवीय चेहरा: डीएम मनीष कुमार ने पैदल चलकर जीता ग्रामीणों का दिल।

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शगुन गीतों के बीच हुआ आत्मीय स्वागत, चौपाल में जमीन पर बैठकर सुनी हर समस्या; 80 वर्षीय आमा के आशीर्वाद से भावुक हुआ माहौल।

चंपावत। लोहावती नदी के तट पर बसे सुदूरवर्ती रौंकुंवर गांव में उस समय ऐतिहासिक और भावुक माहौल बन गया, जब जिलाधिकारी मनीष कुमार दुर्गम रास्तों को पैदल पार कर ग्रामीणों के बीच पहुंचे। वर्षों से केवल नाम सुनते आए ग्रामीणों को पहली बार डीएम से सीधे संवाद का अवसर मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई। उभड खाबड़ और पथरीले  जैसे कठिन रास्तों को पार कर गांव पहुंचे जिलाधिकारी का महिलाओं ने शगुन गीतों के साथ भव्य और आत्मीय स्वागत किया। यह शगुन के आखर मांगलिक अवसरों पर ही गाए जाते हैं। स्वागत औपचारिकता से परे, पूरी तरह भावनाओं से जुड़ा हुआ था।

फोटो_80 वर्षीय आमा जिलाधिकारी को आशीर्वाद देती हुई।


चौपाल में जमीन पर बैठकर डीएम ने एक-एक ग्रामीण की समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। 80 वर्षीय बुजुर्ग आमा द्वारा जिलाधिकारी को सिर पर हाथ रखकर दिया गया आशीर्वाद पूरे कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण बन गया। डीएम मनीष कुमार ने कहा कि वे स्वयं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और गांव की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा और अगली बार वे वाहन से गांव पहुंचेंगे।‌

फोटो_चौपाल में जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते जिलाधिकारी

दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने भंडार तोक में पैदल पुलिया निर्माण, गांव को तारबाड़ से जोड़ने, जूनियर हाई स्कूल में खेल मैदान व ओपन जिम, सिंचाई नहरों की मरम्मत, पंचायत घर व बारात घर निर्माण, भनार गांव तक सड़क, पेयजल लाइनों की मरम्मत सहित कई विकास कार्यों के निर्देश दिए। साथ ही सभी पात्र ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष टीम भेजने, जरूरतमंदों को गौशाला, पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ देने तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा भी दिया। जिलाधिकारी का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन की एक मिसाल बनकर सामने आया, जिसने ग्रामीणों के मन में विश्वास और उम्मीद की नई किरण जगा दी।


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