चंपावत: लोहाघाट में संघ का भव्य पथ संचलन, शताब्दी वर्ष पर सड़कों पर दिखा अनुशासन और राष्ट्रभाव।

Share This Post

पूर्ण गणवेश में निकले स्वयंसेवक, पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत | मोहन जोशी बोले संघ का शताब्दी सफर त्याग और समर्पण की मिसाल।

लोहाघाट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के तहत लोहाघाट नगर में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भव्य पथ संचलन निकाला। इस दौरान नगरवासियों ने जगह-जगह स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया, जिससे पूरे माहौल में राष्ट्रभक्ति का उत्साह देखने को मिला।
विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज प्रांगण से प्रारंभ हुआ यह पथ संचलन मीना बाजार मार्ग, डाक बंगला रोड, स्टेशन बाजार, खड़ी बाजार और गांधी चौक से होते हुए पुनः विद्यालय परिसर पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गया।
पथ संचलन में जिला संघ चालक मोहन जोशी, जगदीश जी, सुरेशानंद, अमित जुकरिया, रमेश उप्रेती, चंद्रशेखर जोशी, रवि जोशी, रवि शंकर, मुकेश जोशी, तनुज जी, सुनील चौबे, नंदकिशोर पुनेठा, गंगा जी, जीवन जी सहित नगर कार्यवाह योगेश जी और सैकड़ों स्वयंसेवक शामिल रहे। सभा को संबोधित करते हुए जिला संघ चालक मोहन जोशी ने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को नमन करते हुए उनके बलिदान को याद किया। उन्होंने चैत्र मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पावन समय प्रकृति के नव जागरण का प्रतीक है, इसी माह भगवान श्रीराम और बजरंगबली का अवतरण हुआ। उन्होंने संघ के 100 वर्षों के सफर को संघर्ष, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा बताते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और विरोध के बावजूद संघ निरंतर आगे बढ़ता रहा है। आज संघ एक वटवृक्ष की तरह देश ही नहीं, बल्कि विश्व में अपनी जड़ें मजबूत कर चुका है। उन्होंने कहा कि संघ से जुड़े स्वयंसेवकों का जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित होता है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिशें लगातार असफल हो रही हैं और सनातन संस्कृति की जड़ें और मजबूत हो रही हैं।

फोटो – लोहाघाट के मुख्य मार्गों पर पूर्ण गणवेश में अनुशासित पंक्तियों में पथ संचलन करते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक।


Share This Post