20 लाख की स्वीकृत धनराशि अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने का आरोप, आंदोलनकारियों ने प्रशासन से मांगा जवाब।
खेतीखान/चंपावत। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली पर प्रस्तावित स्मृति स्थल एवं बहुउद्देशीय भवन के लिए स्वीकृत 20 लाख रुपये की धनराशि अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने के आरोप को लेकर क्षेत्र में चल रहा आंदोलन शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। खेतीखान स्थित इंदिरा पार्क में जिला पंचायत क्षेत्र जनकांडे के जनप्रतिनिधियों, मातृशक्ति, युवाओं और क्षेत्रवासियों ने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
धरने को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य अशोक माहरा ने कहा कि ग्राम सभा गोसनी और ओलीगांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली पर स्मृति स्थल एवं बहुउद्देशीय भवन निर्माण के लिए शासन स्तर से 20 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। आरोप है कि स्वीकृत धनराशि को बाद में अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से कई बार वार्ता की गई, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। ऐसे में उनकी जन्मस्थली पर स्मृति स्थल का निर्माण और उनकी स्मृतियों का संरक्षण क्षेत्रवासियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने मांग की कि स्वीकृत धनराशि को पुनः मूल प्रस्तावित कार्य के लिए आवंटित किया जाए और स्मृति स्थल एवं बहुउद्देशीय भवन का निर्माण स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली पर ही कराया जाए।
धरने में 92 वर्षीय प्रभाकर ओली, ग्राम प्रधान रेनू वर्मा, राज्य आंदोलनकारी प्रहलाद मेहता, यूकेडी जिला महामंत्री रमेश सिंह बिष्ट, पूरन सिंह रावत, कैलाश सेलिया, अनुज मनराल और नारायण अधिकारी समेत बड़ी संख्या में महिलाओं और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया।
प्रशासन की चुप्पी पर भी उठे सवाल_
पूरे प्रकरण में अब सबसे बड़ा सवाल जिला प्रशासन की चुप्पी को लेकर उठ रहा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जन्मस्थली पर स्वीकृत 20 लाख रुपये की धनराशि के स्थानांतरण को लेकर लगातार विरोध हो रहा है, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से अब तक सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। आखिर स्वीकृत धनराशि कहां और किन परिस्थितियों में स्थानांतरित की गई? इसके पीछे क्या कारण रहे? क्या मूल प्रस्तावित स्थल पर स्मृति स्थल और बहुउद्देशीय भवन का निर्माण होगा? इन सवालों के जवाब का क्षेत्रवासियों को इंतजार है।
मामला स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान और जनभावनाओं से जुड़ा होने के कारण प्रशासन की चुप्पी अब खुद चर्चा का विषय बनती जा रही है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फोटो_खेतीखान स्थित इंदिरा पार्क में स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली पर स्मृति स्थल निर्माण की मांग को लेकर धरना देते जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी।
चंपावत: स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली के सम्मान की मांग को लेकर आठवें दिन भी धरना जारी।
