उद्यान विभाग ने बढ़ाई रफ्तार, एंटी-हेल नेट कार्य प्राथमिकता पर; 50% भुगतान जारी, शेष चरणबद्ध मिलेगा।
चंपावत। जनपद के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वित्तीय वर्ष 2022–23 के अंतर्गत उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं में लंबित पड़ी अनुदान राशि को निदेशालय स्तर से जारी कर दिया गया है। लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे कृषकों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली ने बताया कि जिन किसानों के खेतों में एंटी-हेल नेट (ओलावृष्टि रोधी जाल) का कार्य आंशिक रूप से पूरा हुआ था या किसी कारण से शेष रह गया था, उन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि स्वीकृत धनराशि का 50 प्रतिशत भाग जारी कर दिया गया है, जबकि शेष भुगतान कार्य पूर्ण होते ही चरणबद्ध तरीके से किसानों को प्रदान किया जाएगा। विभाग द्वारा लाभार्थियों से सीधे समन्वय कर प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा रही है, ताकि इसी माह सभी लंबित कार्य पूरे हो सकें।
अधिकारियों के अनुसार एंटी-हेल नेट व्यवस्था से ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों की प्रभावी सुरक्षा होगी। इससे न केवल उपज सुरक्षित रहेगी, बल्कि किसानों की आय में भी स्थिरता और मजबूती आएगी।
उद्यान विभाग की इस पहल को किसानों की आर्थिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला किसान यूनियन के अध्यक्ष नवीन करायत का कहना है कि देर सबेर विभाग द्वारा हेलनट उपलब्ध कराकर किसानों को राहत तो दी है लेकिन उनका यह भी कहना है कि उद्यान व कृषि की फसले तो प्रकृति अपने हिसाब से ही चलती हैं यदि समय से किसानों को खाद, बीज आदि सभी जरुरतें समय से मिल जाए तो किसानों की मेहनत रंग ले आती है। यदि बाती बुझने के बाद उसमें तेल डाला जाए तो उसको क्या लाभ मिलेगा ?
फोटो – जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली।
किसानों को राहत की सौगात: 2022–23 की लंबित अनुदान राशि हुई जारी।
