चंपावत: ऐतिहासिक माँ पूर्णागिरि मेले का भव्य शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने किया विधिवत उद्घाटन।

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वर्षभर संचालन की दिशा में पहल • धाम को बनाया जाएगा आध्यात्मिक एवं पर्यटन हब • रोपवे, पार्किंग व आईएसबीटी समेत कई विकास योजनाओं की घोषणा

चंपावत (टनकपुर)।  उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक माँ पूर्णागिरि मंदिर में आयोजित माँ पूर्णागिरि मेला–2026 का भव्य शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ किया। शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में भक्ति एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त रहा।


मुख्यमंत्री ने माँ पूर्णागिरि से प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का कण-कण दिव्यता से परिपूर्ण है। पूर्णागिरि धाम आस्था, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेले को वर्षभर संचालित करने की दिशा में कार्य कर रही है। धाम में स्थायी संरचनाओं और आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। रोपवे निर्माण कार्य प्रगति पर है, मल्टी-लेवल पार्किंग, बेहतर सड़क संपर्क और संचार व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवागमन व्यवस्था सुचारु रहे तथा स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, शौचालयों और धर्मशालाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे चम्पावत जिले में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा।
टनकपुर बस स्टेशन को 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आईएसबीटी के रूप में विकसित किए जाने, मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत मंदिरों के सौंदर्यीकरण एवं मार्ग चौड़ीकरण जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया गया। जनपद में शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है, पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन तैयार हो चुका है, जिला चिकित्सालय में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित किया गया है तथा इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान का भवन निर्माण पूर्ण हो चुका है। श्यामलाताल झील के विकास हेतु भी धनराशि स्वीकृत की गई है।



इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण उत्तराखंड तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस मेले को आस्था और विकास के संगम का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र के विकास के लिए संपर्क मार्गों के निर्माण, विभिन्न स्थलों के सौंदर्यीकरण, भव्य प्रवेश द्वार निर्माण तथा आंतरिक मार्गों व विश्राम स्थलों के विकास की घोषणाएं भी कीं। जिला प्रशासन को इन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, मेला समिति के पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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