चंपावत: चेत्रा अष्टमी-नवमी पर मानेश्वर  धाम में 51 कन्याओं का पूजन, धर्मराज पुरी ने बताया सनातन परंपरा का महत्व।

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मानसरोवर जल से अभिषेक कर लिया आशीर्वाद, बोले—कन्या पूजन से समाज में नारी सम्मान की भावना होती है मजबूत।


चंपावत। चैत्र नवरात्र की अष्टमी एवं नवमी के पावन अवसर पर मानेश्वर धाम में भव्य कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पीठाधीश्वर धर्मराज पुरी  महाराज ने देवी स्वरूपा 51 कन्याओं का सामूहिक पूजन कर उनके चरण धोकर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजन के दौरान यहां के गुप्त नौले से लाए गए मानसरोवर के पवित्र जल से कन्याओं का अभिषेक भी किया गया,जिसे विशेष आध्यात्मिक महत्व का प्रतीक माना जाता है। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और भक्ति देखने को मिली।
इस अवसर पर धर्मराज पुरी महाराज ने कन्या पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में कन्याओं को देवी का स्वरूप माना गया है। जिस परिवार द्वारा कन्याओं का पूजन-अर्चन किया जाता है, वहां सदैव सुख-समृद्धि और सम्मान बना रहता है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा समाज में महिलाओं के प्रति आजीवन सम्मान और आदर की भावना को सुदृढ़ करती है।
उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान विशेष रूप से अष्टमी और नवमी के दिन बालिकाओं का पूजन इसलिए किया जाता है, ताकि समाज में नारी शक्ति के महत्व को समझा जा सके और उसे उचित सम्मान मिल सके। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष विजय वर्मा, कमलेश रसियारा, पवन पांडे, हेमंत बोहरा सहित कई स्थानीय लोगों ने सहयोग किया।



फोटो –  मानेश्वर  धाम में चैत्र नवरात्र पर कन्याओं के चरण धोकर पूजन करते पीठाधीश्वर धर्मराज पुरी महाराज।


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