चंपावत: न्याय के देवता गोल्जू महाराज की आस्था को समर्पित होगी संदेश यात्रा–2026

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चंपावत। पहाड़ की न्याय-परंपरा और लोकआस्था के प्रहरी माने जाने वाले न्याय के देवता गोल्जू महाराज के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 की गोल्जू संदेश यात्रा की रूपरेखा तय कर ली गई है। इस संबंध में यात्रा संयोजक विजय भट्ट की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गत वर्ष की यात्रा की समीक्षा की गई और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।



विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यात्रा का शुभारंभ चंपावत से होगा और समापन भी मूल गोल्जू धाम, चंपावत में ही किया जाएगा, ताकि न्याय के देवता गोल्जू महाराज से जुड़ी आस्था और परंपराएं अक्षुण्ण बनी रहें।

यह यात्रा “अपनी धरोहर” संस्था द्वारा संचालित की जाएगी। संस्था के उपाध्यक्ष श्याम सिंह कार्की ने कहा —
“गोल्जू महाराज केवल आस्था के देवता नहीं, बल्कि पहाड़ की न्याय व्यवस्था और नैतिक मूल्यों के प्रतीक हैं। हमारी संस्था इस संदेश यात्रा को पूरी गरिमा, अनुशासन और परंपरागत मर्यादाओं के साथ आगे बढ़ाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस विरासत से जुड़ी रहें।”
साथ ही यह भी तय किया गया कि पूरी यात्रा स्थानीय परंपराओं, मान-मर्यादाओं और लोकसंस्कृति का सम्मान करते हुए संपन्न की जाएगी। यात्रा से जुड़े सभी आगामी निर्णय “अपनी धरोहर संस्था” द्वारा लिए जाएंगे, जिन्हें सभी सदस्य स्वीकार करेंगे। यात्रा की तिथि एवं समय का निर्धारण विद्वान पंडितों एवं देव डांगर की अनुमति के बाद ही किया जाएगा।



बैठक में देवीलाल वर्मा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका विजय वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष विकास शाह, सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र गहतोड़ी,ज्योतिषाचार्य प्रकाश पांडे, गौरव कार्की, मयूक चौधरी, सागर सिंह कार्की, तुषार कार्की, प्रतिपाल कार्की, ईश्वर सिंह, आदित्य कार्की, राजेंद्र गहतोड़ी, भैरव दत्त पांडे, राजेंद्र नाथ, प्रकाश पांडे सहित मंदिर समिति के सभी गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।


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