सीडीओ बोले— अनुभव और विज्ञान के समन्वय से ही बढ़ेगी किसानों की आय।
लोहाघाट। ब्लॉक सभागार में आयोजित कृषक गोष्ठी में किसानों की समस्याओं और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने कहा कि पर्वतीय किसान अपने अनुभव और परंपरागत ज्ञान के बल पर खेती को जीवित रखे हुए हैं। यदि इस ज्ञान को आधुनिक कृषि विज्ञान से जोड़ा जाए तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
प्रगतिशील किसान नरेश करायत की अध्यक्षता व आकांक्षा सिंह के संचालन में आयोजित गोष्ठी में किसानों ने 27 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, समय पर उन्नत बीज व खाद उपलब्ध कराने तथा कृषि विभागों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की मांग की।
किसानों ने लोहाघाट में सब्जी मंडी की स्थापना, हल्द्वानी में फूल मंडी की व्यवस्था, एप्पल मिशन के तहत हेलनेट उपलब्ध कराने, पॉलीहाउस समय से लगाने, इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने और मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देने की मांग रखी। इसके साथ ही पशुओं की नस्ल सुधार, दूध के दामों में वृद्धि, लंपी वायरस से मृत पशुओं के लिए मुआवजा, लाल चावल व मडुवा के उत्पादन विस्तार तथा टपक सिंचाई योजना लागू करने का मुद्दा भी उठाया गया।
सीडीओ ने आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले में बागवानी, फूलों और केसर की खेती की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देने पर बल दिया।
गोष्ठी में विभिन्न गांवों से आए किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली सहित कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
चंपावत: पर्वतीय कृषि को नई दिशा देने पर मंथन, किसानों ने सौंपा 27 सूत्रीय ज्ञापन।
