टीबी उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों को किया गया प्रशिक्षित, सीएमओ ने दिलाई शपथ।
चंपावत। आज जिला क्षय चिकित्सालय में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष अभियान को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने की, जबकि संचालन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सोनाली मंडल ने किया।

प्रशिक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने आशा कार्यकर्ताओं, आशा फैसिलिटेटरों, बीपीएम, सीएचओ तथा टीबी कर्मचारियों सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को 100 दिवसीय टीबी अभियान के उद्देश्यों, रणनीति और क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए केवल अस्पताल स्तर पर नहीं, बल्कि समुदाय स्तर पर भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
डॉ. चौहान ने सभी प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए चंपावत जनपद को राज्य में टीबी मुक्त मॉडल जिला बनाने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रारंभिक पहचान, नियमित उपचार और सामुदायिक जागरूकता ही टीबी को जड़ से समाप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कंसल्टेंट डॉ. यतिन मल्होत्रा ने “टीबी मुक्त पंचायत” की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस मॉडल के तहत पंचायत स्तर पर निगरानी, जागरूकता और मरीजों के लिए पोषण व उपचार सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लिनिक डॉ. विनय यादव, डॉ. तनुजा पंत, एनएचएम जिला कार्यक्रम प्रबंधक गौरव पाण्डेय, प्रियंका पंत (डीपीसी), संजय बोहरा, राकेश पंत, अमर सिंह ठाकुर, विनोद बोहरा, अमित बिष्ट, गौविंद, तुलसी थ्वाल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
