विभाग–केएमवीएन भूमि विनिमय को मंजूरी, ₹12.99 करोड़ की स्वीकृति।
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उनके घोषित मॉडल जिला चंपावत के विकास की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। नगर के हृदय स्थल गौरलचौड़ परिसर स्थित गोल्जू देवता भूमि हस्तांतरण का बहुप्रतीक्षित मामला सुलझ गया है। इसके साथ ही महत्वाकांक्षी गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे चंपावत के शहरी विकास और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर रक्षा विभाग के स्वामित्व वाली 1.54 हेक्टेयर भूमि के बदले तहसील चंपावत के ग्राम खर्ककार्की में केएमवीएन की समान क्षेत्रफल की भूमि के विनिमय को मंजूरी दी गई है। यह निर्णय वित्त विभाग की उच्च स्तरीय समिति द्वारा जिलाधिकारी मनीष कुमार के प्रस्ताव पर विचार के बाद लिया गया।
समिति ने केएमवीएन की 1.54 हेक्टेयर भूमि को प्रचलित सर्किल रेट पर क्रय करने की सहमति दी है। साथ ही केएमवीएन की शेष भूमि को भी वर्तमान सर्किल रेट पर खरीदने की अनुमति दी गई है। स्वीकृत वित्तीय विवरण के अनुसार भूमि की लागत लगभग ₹6.56 करोड़ तथा अवशेष भूमि की लागत ₹6.43 करोड़ तय की गई है। इस प्रकार कुल स्वीकृत धनराशि ₹12.99 करोड़ होगी। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि इस भूमि विनिमय से रक्षा विभाग को अपनी सामरिक आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त भूमि मिलेगी, जबकि केएमवीएन की भूमि का उपयोग स्थानीय विकास, पर्यटन संवर्धन, शहरी आधारभूत संरचना और गोल्ज्यू कॉरिडोर विस्तार में किया जाएगा। उन्होंने इसे मॉडल जिले के सुनियोजित विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया।
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि मॉडल जिले में विकास कार्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हों तथा उपलब्ध भूमि और संसाधनों का अधिकतम जनहित में उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
