वीर जवानों का सम्मान और “विकसित चंपावत 2047” का संकल्प।
टनकपुर। चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026 के छठे दिन का आयोजन देशभक्ति, सेवा और विकास के प्रेरक संदेशों के साथ उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। “सीमा से समाज तक सेवा ही धर्म” थीम पर आधारित इस विशेष दिवस ने एक ओर देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों को नमन किया, तो दूसरी ओर जिले के सर्वांगीण विकास की ठोस दिशा भी प्रस्तुत की। छठे दिन आयोजित पूर्व सैनिक संवाद कार्यक्रम में जिले के पूर्व सैनिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। मंच से राष्ट्रसेवा के गौरवशाली अनुभव साझा किए गए और बताया गया कि सैनिक जीवन केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि अनुशासन, त्याग और समर्पण की सर्वोच्च मिसाल है। कार्यक्रम के माध्यम से पूर्व सैनिकों की समस्याओं, सुझावों और कल्याणकारी योजनाओं पर सार्थक संवाद स्थापित किया गया, जिससे समाज और सैनिकों के बीच सशक्त समन्वय की भावना और प्रगाढ़ हुई।
महोत्सव के अंतर्गत उद्यमिता जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और स्थानीय उद्यमियों को “विकसित चंपावत 2047” की संकल्पना को साकार करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि जिले के विशिष्ट उत्पादों को गुणवत्ता, ब्रांडिंग और सही विपणन रणनीति से जोड़ा जाए, तो चम्पावत को निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है। निर्यात संवर्धन कार्यशाला में निर्यात प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि चंपावत के कृषि आधारित उत्पाद, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुएँ राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। युवाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
देशभक्ति, सामाजिक समर्पण और आर्थिक सशक्तिकरण के संदेशों से ओत-प्रोत महोत्सव का छठा दिन जिले के लिए प्रेरणादायी और यादगार बन गया।
फोटो – दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती।
चंपावत: “सीमा से समाज तक – सेवा ही धर्म” की गूंज में सजा महोत्सव का छठा दिन।
