समयबद्ध निर्माण और बेहतर सुविधाओं पर दिया जोर।
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में मॉडल चंपावत में प्रशासनिक ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कलेक्ट्रेट परिसर के समीप ₹13.85 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन तहसील कार्यालय भवन का जिलाधिकारी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया।
लगभग 16 नाली भूमि पर निर्मित हो रहे इस आधुनिक तहसील कार्यालय भवन के संबंध में कार्यदायी संस्था निर्माण इकाई, उत्तराखण्ड पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता गिरीश पंत ने बताया कि निर्माण कार्य अक्टूबर माह से प्रारंभ किया गया है, जिसमें अब तक करीब 30 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण होना चाहिए और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने भवन परिसर में मजबूत जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि नए तहसील कार्यालय भवन के निर्माण से आमजन को एक ही परिसर में बेहतर, पारदर्शी और सुगम प्रशासनिक सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
फोटो_ निर्माणाधीन तहसील कार्यालय भवन का निरीक्षण करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत: ₹13.85 करोड़ से बन रहे तहसील कार्यालय का डीएम ने किया निरीक्षण।
