चंपावत: किमोटा गांव के मांडल जिले को रोशन करने वाले दीपक मुरारी की अभूतपूर्व सफलता पर जिलाधिकारी ने उन्हें दी फोन पर बधाई एवं उनके प्रयासों को सराहा।

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कोचिंग सुविधाओं की कमी पर जताया मलाल, कहा—पहाड़ के बच्चों को मिले सही मार्गदर्शन तो बदल जाएगी तस्वीर।

लोहाघाट/ चंपावत।  कर्णकरायत क्षेत्र के किमोटा गांव के युवा दीपक मुरारी ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित गेट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में हासिल की गई यह सफलता पूरे उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अब दीपक केवल किमोटा गांव के नहीं रहे, बल्कि उनके संघर्ष और सफलता का प्रकाश पूरे प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
फोन पर हुई बातचीत के दौरान दीपक मुरारी ने अपने मन की बात साझा करते हुए कहा कि यदि लोहाघाट जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च स्तर की कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो उनके जैसे कई और छात्र भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते थे। उन्होंने कहा कि गांवों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन के अभाव में कई सपने अधूरे रह जाते हैं।
दीपक ने बताया कि हाईस्कूल के बाद बड़े सपनों को साकार करने के लिए उन्हें दिल्ली जाना पड़ा, जहां पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने विभिन्न संस्थानों में काम भी किया ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े। माता-पिता के आशीर्वाद और लगातार मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा उपयोगी है, लेकिन ऑफलाइन कोचिंग से छात्रों को बेहतर प्रतिस्पर्धी माहौल, संवाद और अनुभव सीखने का अवसर मिलता है। सही मार्गदर्शन मिलने पर पहाड़ के बच्चे देश-दुनिया में नाम रोशन कर सकते हैं।
मॉडल जिला चंपावत का उल्लेख करते हुए दीपक ने कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें पहचानने और निखारने की है। इस पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उनके सुझावों को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि जिले के युवाओं के लिए बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
दीपक ने जिलाधिकारी के व्यवहार और कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनसे हुई फोन वार्ता ने उन्हें नई ऊर्जा दी है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के संघर्ष और साधारण पृष्ठभूमि से आगे बढ़ने की कहानी भी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
गेट परीक्षा में सफलता के बाद दीपक को देशभर के कई संस्थानों से अवसर मिल रहे हैं। वर्तमान में वे चेन्नई में रहकर अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं। दीपक मुरारी की यह सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है और यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे छोटी पड़ जाती हैं।

फोटो – दीपक को उसकी सफलता पर जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा बधाई दिए जाने पर फोन में धन्यवाद ज्ञापित करता दीपक।


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