

घोषणा से शासनादेश तक लंबा सफर, पांच विद्यालय अब भी आदेश की राह में।
चंपावत। मुख्यमंत्री की घोषणा के करीब चार साल बाद आखिरकार धूरा और मौराड़ी के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को इंटर कॉलेज का दर्जा मिल गया। शासनादेश जारी होने के साथ ही दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए गांव के नजदीक 12वीं तक की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है।
सूखीढांग क्षेत्र के सात सेनानियों के गांव धूरा और चंपावत के समीप मौराड़ी के विद्यालयों के उच्चीकरण की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 अगस्त 2022 को की थी। करीब चार साल बाद घोषणा के शासनादेश में बदलने से क्षेत्रवासियों में खुशी है। सेनानी उत्तराधिकार कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोरी सहित क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
इससे पहले 25 अगस्त को सल्ली, पल्सों और डूंगरालेटी के तीन राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को इंटर कॉलेज तथा पासम के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय को हाईस्कूल स्तर तक उच्चीकृत किया गया था। तीन विद्यालयों में अगले शिक्षा सत्र से इंटर की कक्षाएं शुरू होंगी। विद्यालयों के लिए प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के पद भी सृजित किए गए हैं। अप्रैल में तलियाबांज राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को भी इंटर कॉलेज का दर्जा दिया गया था। यहां 11वीं की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
जिले में उच्चीकरण की तस्वीर अभी पूरी नहीं हुई है। फुंगर, गोली, डुंगराबोरा, नरसिंह डांडा और बिरगुल के विद्यालयों के उच्चीकरण की घोषणा हो चुकी है, लेकिन शासनादेश का इंतजार अब भी जारी है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि पहाड़ में इंटर की पढ़ाई के लिए बच्चों को गांव से बाहर भेजना परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है। ऐसे में गांव के नजदीक इंटर कॉलेज की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच मजबूत होगी।




