भुम्वाडीं गांव के प्रगतिशील किसान को भारी नुकसान, बगीचे की सुरक्षा के लिए घेराबाड़ की मांग फिर उठी।
लोहाघाट। पाटी ब्लाक के भुम्वाडीं गांव में जंगल की आग ने एक मेहनतकश किसान के सपनों पर पानी फेर दिया। भुम्वाडीं गांव के प्रगतिशील किसान तुलसी प्रकाश की मेहनत से तैयार की गई लेमनग्रास की फसल जंगली आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
तुलसी प्रकाश लंबे समय से जंगल से सटे अपने खेतों में मेहनत कर आजीविका चला रहे हैं। उन्होंने बड़े क्षेत्र में लेमनग्रास की खेती की थी और भविष्य में उद्यान विभाग की नर्सरी स्थापित कर जिले में पौधों की आपूर्ति करने की योजना भी बना रहे थे। लेकिन अचानक लगी जंगल की आग ने उनकी मेहनत और योजनाओं को एक झटके में नष्ट कर दिया।
बताया जाता है कि तुलसी प्रकाश का घर और खेत जंगल के बीच स्थित हैं। वे लंबे समय से अपने बगीचे की पत्थरों से घेराबाड़ कराने की मांग कर रहे थे, ताकि जंगली जानवरों और आग जैसी घटनाओं से फसलों को सुरक्षित रखा जा सके। मगर अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस घटना के बाद किसान तुलसी प्रकाश को गहरा आर्थिक आघात पहुंचा है। अब उनकी उम्मीदें प्रशासन से मदद की ओर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी मनीष कुमार गरीबों की समस्याओं को समझते हैं और उम्मीद है कि इस मामले में भी उन्हें राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फोटो – जंगल की आग की चपेट में आकर जली भुम्वाडीं गांव के किसान तुलसी प्रकाश की लेमनग्रास की फसल।
चंपावत: जंगल की आग ने उजाड़े किसान तुलसी प्रकाश के सपने, लेमनग्रास की फसल जलकर राख।
