सीएम धामी वर्चुअल जुड़े, बोले—आस्था के साथ विकास का भी बनेगा नया केंद्र देवीधुरा।
लोहाघाट। प्रसिद्ध बाराही धाम देवीधुरा में शुक्रवार को खराब मौसम के बावजूद आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और लगातार हो रही बारिश के बीच माँ बज्र वाराही के भव्य मंदिर के नवनिर्माण का भूमि पूजन और शिलान्यास पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। प्रतिकूल मौसम के कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं और मंदिर निर्माण को क्षेत्र के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम की शुरुआत आचार्यगणों द्वारा गणेश पूजन, नवग्रह पूजन और देवी-देवताओं के आह्वान से हुई। कई दिनों से सूखी पड़ी धरती पर शिलान्यास के समय हुई वर्षा को श्रद्धालुओं ने माँ वाराही की विशेष कृपा माना। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा समारोह में पहुंचे, जिससे पूरा देवीधुरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि माँ वाराही धाम सदियों से अटूट श्रद्धा, शक्ति और लोकपरंपरा का केंद्र रहा है।

मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण होने से यह धाम राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। उन्होंने प्रसिद्ध बग्वाल मेले का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और “विकास भी और विरासत भी” इसी सोच का परिणाम है।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने मौके पर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना कर शिलान्यास किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान चार खाम सात थोको—चमियालखाम, गंगासिंह गढ़वालखाम, बिष्टखाम और लमगड़िया खाम—के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शिला पूजन किया।

महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा ने पूरे आयोजन को भक्ति और परंपरा से भर दिया। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस भव्य मंदिर का निर्माण चार खाम सात थोक एवं मंदिर ट्रस्ट द्वारा 2 से 3 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य में राजस्थान से विशेष पत्थरों का उपयोग किया जाएगा। मंदिर की मुख्य मूर्ति का निर्माण बाबा कल्याण दास जी महाराज द्वारा किया जाएगा, जबकि स्थापत्य कार्य का मार्गदर्शन गुजरात के विशेषज्ञ विपुल त्रिवेदी करेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, सीएमओ डॉ. देवेश चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अमित लमगड़िया ने किया।
