डीएम मनीष कुमार के नेतृत्व में लगा जनकल्याणकारी शिविर, 600 से अधिक लोगों की भागीदारी, पांच सौ से ज्यादा लाभार्थी योजनाओं से जुड़े।
चंपावत। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सफल संचालन के बाद अब नगर पंचायत पाटी से उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पूरे प्रशासनिक तंत्र को जनता के बीच लाकर उन्हें मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ देना है, ताकि लोगों की अनावश्यक दौड़-भाग समाप्त हो सके। शिविर में आज 600 से अधिक नागरिकों ने भागीदारी की, जबकि पांच सौ से अधिक लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिलाधिकारी के समक्ष कुल 75 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 64 शिकायतों का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया गया। शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने ममता को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। वहीं, जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु सोलर फेंसिंग उपलब्ध कराई गई। डुंगरी की लक्ष्मी देवी को सोलर लाइट प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त अन्य ग्रामीणों की मांगों को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे शिविर में मौजूद लोगों के चेहरों पर संतोष और मुस्कान देखने को मिली।
प्रशासनिक सेवाओं के तहत राजस्व विभाग द्वारा 42 प्रमाण पत्र, ग्रामीण विकास विभाग की ओर से 54 प्रमाण पत्र, जबकि सभी विभागों को मिलाकर कुल 116 प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी किए गए। शिविर की विशेष आकर्षण बालिका विभाग द्वारा आयोजित बालिका जन्मोत्सव रहा। इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि “जिस घर में बालिका का जन्म होता है, उससे अधिक सौभाग्यशाली कोई दूसरा घर नहीं होता।” उन्होंने बालिका की माता को किट प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के संचालन में क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने नागरिकों और अधिकारियों के बीच सेतु की भूमिका निभाई। शिविर में एसडीएम नितेश डांगर, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट, सहित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो – बालिका जन्मोत्सव के अवसर पर बालिका की माता को किट प्रदान करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।
चंपावत: नगर पंचायत पाटी से ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत, एक ही छत के नीचे मिलीं सरकारी सुविधाएं।
