चंपावत। प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए जनपद चंपावत को राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान मंगलवार को देहरादून स्थित हिमालयन कल्चरल सेंटर, गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ समारोह में प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता को सामाजिक समरसता, समान अधिकार और सशक्त प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने यूसीसी के प्रारूप निर्माण से लेकर उसके सफल क्रियान्वयन में योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं वीएलसी को भी सम्मानित किया।
इसी क्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जनपद चंपावत को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार के कुशल नेतृत्व में जनपद ने ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित कर राज्य में एक मिसाल कायम की है।
वर्तमान तक जनपद में 24,700 से अधिक नागरिकों द्वारा समान नागरिक संहिता के अंतर्गत पंजीकरण कराया जा चुका है, जो जनजागरूकता और प्रशासनिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से यह सम्मान ग्रहण किया।
कार्यक्रम में जनपद चंपावत के दो उपनिबंधक — रीता बिष्ट एवं दीपक चन्द्र — को भी समान नागरिक संहिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनपदवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे आगे आकर पंजीकरण कराएं, जिससे समान नागरिक संहिता के उद्देश्यों को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके।
जनपद चंपावत की यह सफलता न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जागरूक नागरिक सहभागिता से शासन की योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा जा सकता है।
फोटो_ राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए जनपद चंपावत की ओर से सम्मान ग्रहण करते मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती।
