सात्विक प्रसाद अनिवार्य, जंगल क्षेत्र में सतर्क रहें श्रद्धालु | नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई।
चंपावत। टनकपुर स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले को लेकर प्रशासन ने इस बार कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी द्वारा जारी एसओपी के अनुसार, मेले में मांस, मछली, लहसुन-प्याज, शराब व सभी प्रकार के नशे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही प्लास्टिक के उपयोग पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है। भंडारा संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल सात्विक प्रसाद ही तैयार करें। इसके अलावा भंडारा स्थल, धर्मशालाओं, ट्रेनों और बसों में कूड़ेदान रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि स्वच्छता बनी रहे।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सभी होटल और धर्मशालाओं में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य किया गया है। चूंकि मेला क्षेत्र जंगल के बीच स्थित है, इसलिए श्रद्धालुओं को समूह में चलने और जंगल की ओर अकेले न जाने की सलाह दी गई है। जंगली जानवरों के खतरे को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सख्त है। टैक्सी चालकों को निर्धारित संख्या में ही सवारियां बैठाने और तय किराया ही लेने के निर्देश दिए गए हैं। नशे में वाहन चलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस रद्द किया जाएगा। शनिवार को मौसम साफ रहने के कारण मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मैदानी क्षेत्रों से लगातार लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पूरे मेला क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और CCTV के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा के अनुसार, अब तक मेले में कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। वहीं, हाल ही में शारदा नदी में डूब रहे एक किशोर को जल पुलिस ने सकुशल बचाकर बड़ा हादसा टाल दिया। प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुचारू दर्शन का लाभ मिल सके।
फोटो – मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और आरती का भव्य दृश्य।
चंपावत: पूर्णागिरि मेले में सख्ती: मांस-मदिरा, प्लास्टिक और नशे पर पूर्ण प्रतिबंध।
