चंपावत: बजट से राज्यों को मिलेगी नई गति, विकसित भारत के संकल्प को मिलेगा मजबूत आधार, केन्द्रीय बजट से उत्तराखंड के समग्र विकास के खुलेंगे द्वार।

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एग्रीकल्चर, टूरिज्म और खेती की सुरक्षा पर केंद्रित बजट से उत्तराखंड को होगा सीधा लाभ – राज शेखर जोशी


चंपावत। “सेतु आयोग” के उपाध्यक्ष, उत्तराखंड शासन के थींक टैंक तथा कारपोरेट जगत में अपनी गहरी पैठ रखने वाले राज शेखर जोशी ने बताया केन्द्र सरकार के बजट से राष्ट्रीय एवं उत्तराखंड को नई दिशा मिलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह बजट सत्र केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य को जमीन पर उतारने का ठोस माध्यम होगा। उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से राज्यों को आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के स्तर पर नई गति देने का प्रयास किए जाएगा, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि  बजट सत्र में एग्रीकल्चर को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ही किसी भी राज्य की स्थिर प्रगति की नींव होती है। किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और फसल विविधीकरण जैसे विषयों पर बजटीय प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इससे खेती को लाभकारी बनाया जा सकेगा और युवाओं का रुझान दोबारा कृषि की ओर बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में जंगली जानवरों से खेती को होने वाला नुकसान एक गंभीर समस्या है। इसी को ध्यान में रखते हुए बजट में खेतों की सुरक्षा, सामूहिक बाड़बंदी, तकनीकी उपायों और स्थानीय स्तर पर प्रभावी समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। इससे किसानों को राहत मिलेगी और वर्षों से खेती छोड़ चुके कई परिवारों को फिर से कृषि से जोड़ने में मदद मिलेगी। “सेतु आयोग” के उपाध्यक्ष ने बताया कि बजट में पर्यटन को आर्थिक विकास के प्रमुख आधार के रूप में देखा जा सकता है। धार्मिक, साहसिक, ग्रामीण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास से होटल, होम-स्टे, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे पहाड़ों से हो रहे पलायन पर प्रभावी रोक लग सकेगी। श्री जोशी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ऐसा बजट चाहती है जो राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत चुनौतियों और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप हो। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों को संतुलित ढंग से मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि विकास का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब उत्तराखंड जैसे राज्य अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ेंगे। सेतु आयोग राज्य और केंद्र के बीच नीति समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित कर रहा है कि बजट से जुड़ी योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू हों। श्री जोशी ने विश्वास जताया कि यह बजट उत्तराखंड को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला मजबूत कदम साबित होगा और कृषि, पर्यटन व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देकर राज्य के समग्र विकास को गति देगा।

फोटो –  राज शेखर जोशी।


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