चंपावत (टनकपुर)। चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव 2026 के भव्य आयोजन में उस समय विशेष गरिमा जुड़ गई, जब गीता पुष्कर धामी ने अपनी सादगीपूर्ण और आत्मीय उपस्थिति से कार्यक्रम को भावनात्मक ऊष्मा प्रदान की।
जनपद चंपावत, जहाँ से प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं, उसी क्षेत्र में उनका यह आगमन औपचारिकता से परे एक पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक बन गया। महोत्सव के दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया और उनके द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों की सराहना की। पहाड़ी व्यंजन, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को देखकर उन्होंने कहा कि चंपावत की महिलाएँ आत्मनिर्भर भारत के सपने को धरातल पर उतार रही हैं।
विशेष रूप से उन्होंने समूह की बहनों के बीच बैठकर सहज संवाद किया, उनके अनुभव सुने और सुझाव साझा किए। भोजन निर्माण में सहभागिता कर उन्होंने श्रम की गरिमा और समान भागीदारी का सशक्त संदेश दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की ऊर्जा हैं। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता ही परिवार और समाज को स्थायित्व प्रदान करती है। उन्होंने गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार विस्तार पर ध्यान देने की अपील की ताकि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान मिल सके। उनकी सरलता, विनम्रता और संवेदनशीलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि चंपावत की जनता उनके लिए परिवार के समान है। यह उपस्थिति नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और सहभागी विकास के उस संकल्प को मजबूत करती है, जो सेवा और समर्पण की भावना से जुड़ा हुआ है।
चंपावत: मातृशक्ति के बीच आत्मीय संवाद_ गीता पुष्कर धामी ने सरस कॉर्बेट महोत्सव में भरा उत्साह।
