चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद चंपावत को मॉडल जिला के रूप में विकसित करने की दिशा में संचालित योजनाएँ जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। इसी क्रम में ग्राम कोयाटी की सोनी बिष्ट ने सरकारी सहयोग से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।

सोनी बिष्ट बताती है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित ऐड़ी देवता स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं तथा ग्रामोत्थान परियोजना से संबद्ध महिला विकास संकुल संघ से जुड़ी हुई हैं। आईफैड एवं भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामोत्थान परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों की आय में वृद्धि कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना, आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना एवं ग्रामीण पलायन को रोकना है।
ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से सोनी बिष्ट को बकरी पालन यूनिट स्थापित करने हेतु कुल ₹3 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिसमें परियोजना अनुदान, बैंक ऋण तथा लाभार्थी अंशदान शामिल रहा। इस सहयोग से उन्होंने बकरी पालन हेतु शेड का निर्माण कर 30 बकरियाँ क्रय कीं।
वर्तमान में सोनी बिष्ट बकरी के दूध एवं मांस के विक्रय से नियमित आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने मात्र 6 माह में लगभग ₹1 लाख की आय अर्जित की है तथा प्रतिमाह ₹7,000 से ₹8,000 की स्थायी आमदनी प्राप्त कर रही हैं। उनकी यह सफलता मॉडल जिला चंपावत में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में उभरकर सामने आई है।
