संत निरंकारी मिशन का संदेश खून का बदला खून से नहीं, रक्तदान से; इंसानियत और एकता पर दिया जोर।
लोहाघाट। संत निरंकारी मिशन (रजि.) दिल्ली की शाखा लोहाघाट, जनपद चंपावत में शुक्रवार को मानव एकता दिवस सादगी, श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महात्माओं ने भाग लेकर मानवता, एकता और सेवा का संदेश दिया।
इस अवसर पर पिथौरागढ़ से पधारे महात्मा गंगा राम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 24 अप्रैल 1980 को निरंकारी मिशन के तीसरे सदगुरु बाबा गुरुवचन सिंह महाराज को असामाजिक तत्वों द्वारा गोली मार दी गई थी, जिससे वे ब्रह्मलीन हो गए। इस दुखद घटना में संत निरंकारी सेवा दल के चाचा प्रताप सिंह भी शहीद हुए थे।
उन्होंने बताया कि इसके पश्चात सदगुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज ने मानवता को एक अनोखा संदेश दिया “जो खून नालियों में बहा है, वह मानव की नाड़ियों में बहना चाहिए।” इसी संदेश को आत्मसात करते हुए मिशन द्वारा हर वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और आज यह विश्व की सबसे बड़ी रक्तदान करने वाली संस्थाओं में शामिल है। महात्मा गंगा राम ने बाबा हरदेव सिंह के विचारों को दोहराते हुए कहा “हम खून का बदला खून से लेंगे, मगर खून बहाकर नहीं, खून दान करके।” साथ ही उन्होंने मानव एकता का संदेश देते हुए कहा मानव को मानव हो प्यारा, इक दूजे का बने सहारा। कार्यक्रम में रुहानी सत्संग के माध्यम से इंसानियत, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि निरंकारी मिशन आज पूरे विश्व में आत्मिक कल्याण के साथ-साथ वैश्विक शांति और मानवता की सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
इस दौरान कैलाश उपाध्याय, डॉ. बी.एस. सक्सेना, बंशीधर राय, गुमान नाथ, भीम दत्त पुनेठा, चंदन भारद्वाज, सविता, राधा, दीपा जोशी, मंजू चंद, बसंती कार्की सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में केतन भट्ट ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
फोटो लोहाघाट में मानव एकता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते महात्मा गंगा राम ।
चंपावत: लोहाघाट में मानव एकता दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, रक्तदान को बताया सच्ची श्रद्धांजलि।

