लोहाघाट में सीमा जागरण मंच की गोष्ठी, घुसपैठ और राष्ट्र सुरक्षा पर वक्ताओं ने जताई चिंता
लोहाघाट। सीमाओं की सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सजग प्रहरी बनकर राष्ट्र की सुरक्षा पंक्ति को मजबूत करना होगा। यह बात सीमा जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संयोजक नीम सिंह ने नगर पालिका सभागार में आयोजित गोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि जब पूरा देश चैन की नींद सोता है, तब सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोग जागकर देश की सीमाओं की रक्षा में अपनी भूमिका निभाते हैं। भारत के 16 राज्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े हैं और ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक राष्ट्र की अखंडता और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
नीम सिंह ने कहा कि विदेशी घुसपैठ के माध्यम से देश की डेमोग्राफी बदलने और सामाजिक-राजनीतिक ताने-बाने को प्रभावित करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और असम जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अवैध घुसपैठ का असर वहां की सामाजिक एवं राजनीतिक व्यवस्था पर साफ दिखाई देता है। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सतर्क रहने तथा देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
सीमा जागरण मंच के उत्तराखंड प्रांतीय संगठन मंत्री आशीष बाजपेई ने कहा कि पूरा उत्तराखंड सीमावर्ती राज्य है और यहां के लोग वर्षों से सैनिकों की तरह राष्ट्र सुरक्षा में योगदान देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा सीमांत क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति राष्ट्र को कमजोर करने का काम करती है, जबकि देश की एकता और अखंडता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
गोष्ठी की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि सीमा जागरण मंच राष्ट्र सुरक्षा और जनजागरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है तथा देश के हर नागरिक को इसमें सहभागी बनना चाहिए।
फोटो_नगर पालिका सभागार में आयोजित सीमा जागरण मंच की गोष्ठी में राष्ट्र सुरक्षा और सीमाओं की मजबूती पर विचार व्यक्त करते वक्ता।
चंपावत: सीमाओं की सुरक्षा में हर नागरिक की भूमिका अहम, सीमांत क्षेत्रों के लोग देश के सच्चे प्रहरी — नीम सिंह

