चंपावत से ग्रामोत्थान परियोजना के दो प्रतिनिधि शामिल
चंपावत/देहरादून। समुदाय आधारित संगठनों में सुशासन, व्यवसाय प्रबंधन, विपणन कौशल एवं वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड के 13 जनपदों के 30 प्रतिनिधियों का अध्ययन भ्रमण दल आज देहरादून से गुजरात के लिए रवाना हुआ। यह भ्रमण ग्रामोत्थान परियोजना, परियोजना प्रबंधन इकाई देहरादून के सहयोग एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम प्रबंधक एवं संयोजक डॉ. विनय गुणवंत ने बताया कि तीन दिवसीय शैक्षिक भ्रमण के दौरान दल गुजरात की प्रतिष्ठित सहकारी संस्थाओं— आनंद मिल्क यूनियन (अमूल डेयरी), ईरमा, सेवा महिला बैंक तथा अन्य सफल सहकारी मॉडल व प्रदर्शन क्षेत्रों का अवलोकन करेगा। उन्होंने कहा कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर संचालित सफल सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली, बाजार आधारित रणनीतियों और वित्तीय प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना है।
भ्रमण के बाद सभी प्रतिभागी अपने-अपने जनपदों में स्वायत्त सहकारिताओं एवं कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सुदृढ़ करने हेतु कार्ययोजना तैयार करेंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाए जा सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
भ्रमण दल में उपायुक्त ग्राम्य विकास नरेश कुमार, कार्यक्रम प्रबंधक एवं संयोजक डॉ. विनय गुणवंत, अमित कुमार, दीपा सहित विभिन्न जनपदों के प्रतिनिधि शामिल हैं— जिनमें टिहरी से ब्रह्मकांत भट्ट, उत्तरकाशी से कपिल उपाध्याय, ऊधम सिंह नगर से शुभंकर कुमार, बागेश्वर से आरिफ खान, चमोली से शशिकांत यादव, चंपावत से प्रकाश पाठक, देहरादून से प्रदीप गुंसाई, नैनीताल से गीता जोशी, पौड़ी से आशुतोष, रुद्रप्रयाग से नवीन पांडे, पिथौरागढ़ से हीरा सिंह, अल्मोड़ा से इंद्रा अधिकारी, हरिद्वार से अमित प्रताप सिंह तथा प्रत्येक जनपद से चयनित एक ब्लॉक स्तरीय स्टाफ सदस्य शामिल हैं। कुल 30 सदस्य इस भ्रमण में प्रतिभाग कर रहे हैं।
फोटो_ इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली से अहमदाबाद रवाना होते अध्ययन भ्रमण दल के सदस्य।
चंपावत: सुशासन व सहकारिता मॉडल सीखने 30 सदस्यीय अध्ययन दल गुजरात रवाना।
