चंपावत: हिमवीरों की धरती पर गणतंत्र की गूंज, तिरंगे की रोशनी में नहाया आईटीबीपी परिसर।

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देशभक्ति के रंग में रंगी आईटीबीपी 36वीं वाहिनी, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र सेवा का संकल्प।

लोहाघाट। राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा में सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के हिमवीर एक बार फिर राष्ट्रभक्ति, शांति और बलिदान की कसौटियों पर खरे उतरते दिखाई दे रहे हैं।
छमनिया चौड स्थित आईटीबीपी की 36वीं वाहिनी का पूरा परिसर गणतंत्र दिवस की आहट के साथ तिरंगे की रोशनी और देशभक्ति के रंगों से जगमगा उठा है।


रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से सुसज्जित यह परिसर न केवल गणतंत्र दिवस के आगमन का संदेश दे रहा है, बल्कि हर आने-जाने वाले को “आओ, मिलकर राष्ट्रवाद, संविधान और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा का संकल्प लें” का आह्वान भी कर रहा है। चारों ओर गूंजते देशभक्ति के नारे, अनुशासन में खड़े हिमवीरों की दृढ़ आकृतियां, और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित भावनाएं यह दृश्य हर व्यक्ति के मन-मस्तिष्क को राष्ट्रभाव से तरंगित कर रहा है।
जवानों की हर गतिविधि, हर स्वर, हर कदम भारत माता के प्रति अटूट आस्था और निष्ठा का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
इस अवसर पर 36वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय कुमार ने कहा कि “गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। यह पर्व हमें हमारी राष्ट्रभक्ति की क्षमता को परखने और देश सेवा के नए संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। साथ ही यह भी याद दिलाता है कि जिस देश से हम सब कुछ पाते हैं, उसके लिए हम बदले में क्या दे रहे हैं यही सच्चा राष्ट्रधर्म है।”
आईटीबीपी के हिमवीरों का यह संदेश स्पष्ट है कि राष्ट्र की सेवा केवल सीमा पर नहीं, बल्कि विचार, संकल्प और आचरण में भी होनी चाहिए। गणतंत्र दिवस की यह रोशनी आने वाली पीढ़ियों को संविधान, एकता और अखंडता की रक्षा का मार्ग दिखा रही है।


फोटो – रंग-बिरंगी रोशनी से सजा आईटीबीपी 36वीं वाहिनी का पूरा परिसर, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रभक्ति में सराबोर।


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