चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चंपावत’ विजन को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जनपद में 10 संग्रहण केंद्र (कलेक्शन सेंटर) स्थापित करने के लिए सरकारी भूमि स्वीकृत कर दी है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोकना, स्थानीय आजीविका को मजबूत करना और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि ग्रामोत्थान परियोजना के तहत बनने वाले इन संग्रहण केंद्रों का संचालन स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपा जाएगा। यहां कृषि, बागवानी, दुग्ध, मसाला तथा अन्य स्थानीय उत्पादों का संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन किया जाएगा, जिससे उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।
जिला प्रशासन के अनुसार, चार संग्रहण केंद्रों का निर्माण जनपद के चारों विकासखंड मुख्यालय परिसरों में पूरा हो चुका है। इसके अलावा लोहाघाट विकासखंड के डैसली और किमतोली तथा चंपावत विकासखंड के चंदनी, बनबसा, नायकखेड़ा, टनकपुर, अमोड़ी और खलकड़िया में भी निर्माण के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
इसी क्रम में अमोड़ी में निर्माणाधीन वे-साइड एमेनिटीज (Way Side Amenities) परियोजना के लिए भी आवश्यक भूमि स्वीकृत की गई है। यह केंद्र ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का प्रमुख मंच बनेगा तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप मातृशक्ति को सशक्त बनाना और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। संग्रहण केंद्रों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए आधुनिक विपणन व्यवस्था विकसित होगी, जिससे महिलाओं को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की वैल्यू चेन को मजबूत कर स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, ताकि चंपावत ‘आदर्श जनपद’ के रूप में नई पहचान स्थापित कर सके।
फोटो_ मुख्यमंत्री के ‘आदर्श चंपावत’ विजन के तहत संग्रहण केंद्र का एक नजारा।
‘आदर्श चंपावत’ की दिशा में बड़ा कदम- पलायन रोकने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10 संग्रहण केंद्र होंगे स्थापित।
