चंपावत: कम किराया लेना पड़ा भारी! टैक्सी चालक को जूतों की माला पहनाकर किया अपमान, एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज।

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यात्रियों से पुरानी दरों पर किराया लेने से नाराज थे कुछ चालक, बीच सड़क रोका वाहन; वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई।


लोहाघाट। क्षेत्र में एक टैक्सी चालक के साथ कथित रूप से की गई अमानवीय हरकत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। यात्रियों से कम किराया लेने का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने एक टैक्सी चालक को देवराडीं बैंड में रोक लिया, उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और गले में जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इतना ही नहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। पीड़ित चालक प्रेम राम पुत्र नैन राम, निवासी डूंगरा बोरा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह लंबे समय से लोहाघाट से दिल्ली तक यात्रियों को पुरानी दरों पर सेवा दे रहा था। डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद उसने किराया नहीं बढ़ाया, जिससे उसकी सेवाओं से यात्री संतुष्ट रहते थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर कुछ अन्य टैक्सी चालक उससे रंजिश रखने लगे थे। प्रेम राम के अनुसार बुधवार को देवराड़ी बैंड के पास उसका वाहन रोककर उसे घेर लिया गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। आरोप है कि उससे 50 हजार रुपये की मांग भी की गई। घटना के बाद चालक भयभीत हो गया और मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसे व्यापक जनसमर्थन मिलने लगा।
मामला पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आदर्श थाना लोहाघाट पुलिस ने आरोपी सोहन सिंह, हरीश बोहरा, वीरेंद्र सिंह और मोहन चंद्र के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, आईटी एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक स्वयं मामले की निगरानी कर रही हैं। शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग पीड़ित चालक के समर्थन में लोहाघाट थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अनुसूचित जाति समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया। घटना के बाद टैक्सी किराया वृद्धि का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई चालक पुरानी दरों पर यात्रियों को सेवा देकर अपना गुजारा कर रहा था, तो उस पर दबाव बनाकर किराया बढ़ाने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। लोगों ने परिवहन विभाग से भी मामले की जांच कर टैक्सी किराया निर्धारण की प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश कुछ हद तक शांत हुआ है, लेकिन घटना ने टैक्सी संचालन व्यवस्था, किराया निर्धारण और प्रतिस्पर्धा के नाम पर बढ़ती मनमानी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फोटो – लोहाघाट थाने में टैक्सी चालक प्रेम राम के साथ हुई कथित अमानवीय घटना के विरोध में पहुंचे ग्रामीण और सामाजिक संगठनों के लोग, मामले में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाल से वार्ता करते हुए।


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