नरसिंहडांडा और भगानामेहरा ने गुणवत्ता की राष्ट्रीय कसौटी पर दिखाई दमदार कामयाबी, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई पहचान।
चंपावत, 1 जुलाई। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में चंपावत जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) कार्यक्रम में जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर नरसिंहडांडा और भगानामेहरा को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। भारत सरकार की विशेषज्ञ टीम ने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तृत मूल्यांकन कर उन्हें राष्ट्रीय मानकों पर खरा पाया।
केंद्र सरकार की क्वालिटी एश्योरेंस टीम में शामिल डॉ. आनंदी बिष्ट, डॉ. विक्रांत, डॉ. मीनाक्षी गौतम और लेफ्टिनेंट कर्नल कीर्ति मान ने दोनों आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, दवा प्रबंधन, स्वच्छता, रिकॉर्ड संधारण, उपचार व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया। मूल्यांकन के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, आपातकालीन चिकित्सा, संचारी एवं असंचारी रोगों के उपचार, नेत्र, ईएनटी और दंत स्वास्थ्य सहित 12 प्रमुख सेवाओं को परखा गया।
राष्ट्रीय मूल्यांकन में नरसिंहडांडा आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 82.62 प्रतिशत तथा भगानामेहरा आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 83.96 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। निर्धारित मानकों को पूरा करने पर दोनों स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणन (NQAS) प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रमाणन चंपावत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत हैं। यह उपलब्धि स्वास्थ्य कर्मियों की निष्ठा और टीमवर्क का परिणाम है तथा आने वाले समय में जिले की अन्य स्वास्थ्य इकाइयों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने कहा कि यह सफलता जिले के सभी चिकित्सकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है और इससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।
निरीक्षण एवं मूल्यांकन प्रक्रिया में जिला क्वालिटी कंसल्टेंट प्रवीण भट्ट और रीजनल क्वालिटी कंसल्टेंट रुपेश ममगई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं नरसिंहडांडा में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शुभम कुमार प्रजापति, एएनएम आशा आर्य तथा भगानामेहरा में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जिज्ञासा बिष्ट, एएनएम गीता बोहरा सहित आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य टीम ने मूल्यांकन के दौरान सक्रिय सहयोग दिया।
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