उत्तरकाशी में 84 वर्ष की आयु में निधन, ईमानदार प्रशासनिक सेवा और मानवीय व्यवहार के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
चंपावत। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी रहे स्वर्गीय चंद्र सिंह का 84 वर्ष की आयु में उत्तरकाशी में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से चंपावत सहित पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई। उन्हें जानने वाले लोगों ने उन्हें गरीबों का सच्चा हितैषी, सरल, ईमानदार और संवेदनशील प्रशासक बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अनुसूचित जाति के अत्यंत साधारण परिवार में जन्मे चंद्र सिंह ने कठिन संघर्षों के बल पर प्रशासनिक सेवा में उच्च मुकाम हासिल किया। इनकी शिक्षा दीक्षा प्रमुख पर्यावरण विद सुन्दर लाल बहुगुणा की देखरेख में हुई है। संयुक्त पिथौरागढ़-चम्पावत जिले में अपर जिलाधिकारी नियोजन के पद पर रहते हुए उन्होंने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वे अपने सादगीपूर्ण जीवन, कठोर अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं के लिए जाने जाते थे। प्रशासनिक दौरों पर भी वे सादा भोजन करते थे और दिखावे से हमेशा दूर रहे।
पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा के विचारों से प्रभावित चंद्र सिंह का पूरा जीवन सर्वोदय और जनसेवा की भावना से प्रेरित रहा। शासन में सचिव रहते हुए भी वे चंपावत/ पिथौरागढ़ के लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से कराते थे और मिलने आने वाले लोगों का आत्मीयता से स्वागत करते थे।
उनके सानिध्य में आगे बढ़े कई लोगों ने कहा कि मृत्यु शाश्वत सत्य है, लेकिन चंद्र सिंह जैसे व्यक्तित्व अपने कार्यों और व्यवहार के कारण हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं। ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की गई।
फोटो_ पूर्व आईएएस अधिकारी एवं पूर्व जिलाधिकारी स्वर्गीय चंद्र सिंह।
चंपावत: गरीबों के मसीहा और सादगी की मिसाल थे पूर्व आईएएस चंद्र सिंह, चंपावत ने नम आंखों से किया याद।
