बेटे की मौत और आर्थिक संकट से टूट चुके दशरथ सिंह को मिला नया सहारा, निराश्रित गोवंश संरक्षण बना रोजगार का माध्यम।
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जनपद चंपावत में पशुपालन विभाग की ग्राम गौ सेवक योजना जरूरतमंद ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही है। तामली क्षेत्र के कारी गांव निवासी किसान दशरथ सिंह की कहानी इस योजना की सफलता का प्रेरणादायक उदाहरण है, जिन्होंने पारिवारिक त्रासदी और आर्थिक संकट के बीच इस योजना के जरिए अपने जीवन को नई दिशा दी।
दशरथ सिंह ने कुछ वर्ष पहले अपने बड़े बेटे को रहस्यमय परिस्थितियों में खो दिया, जबकि उनका छोटा बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है। इन कठिन हालातों ने परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से गहरे संकट में डाल दिया था।
इसी दौरान क्षेत्रीय भ्रमण पर पहुंचे पशुधन प्रसार अधिकारी अमित पांडे ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें ग्राम गौ सेवक योजना से जोड़ा और पांच निराश्रित गोवंशों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी। विभाग की ओर से पशुओं के लिए मिनरल मिक्सचर, कैल्शियम और आवश्यक दवाइयां भी नियमित रूप से उपलब्ध कराई गईं।
करीब दस माह तक गोवंशों की सेवा करने के बाद दशरथ सिंह के खाते में 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि पहुंची। यह राशि उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही। उन्होंने भावुक होकर कहा कि कभी नहीं सोचा था कि एक साथ इतनी बड़ी आर्थिक सहायता मिलेगी। इस योजना ने उनके परिवार में फिर से उम्मीद और आत्मविश्वास जगाया है।
पशुधन प्रसार अधिकारी अमित पांडे ने बताया कि बचकोट निवासी गोपाल राम और तामली के कृष्ण राम भी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग बकरी पालन, मुर्गी पालन और दुग्ध उत्पादन जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने का लगातार प्रयास कर रहा है।
जिला पंचायत सदस्य शैलेश जोशी ने कहा कि पशुपालन विभाग की योजनाएं सीमांत क्षेत्रों में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
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अपना गोठ हो तो कोई भी बन सकता है ग्राम गौ सेवक।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि ग्राम गौ सेवक योजना का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति ग्राम पंचायत का प्रस्ताव, आधार कार्ड और दो पासपोर्ट फोटो के साथ आवेदन कर सकते हैं। जिनके पास अपनी पशुशाला (गोठ) उपलब्ध है, वे विभागीय कार्यालय में आवेदन देकर योजना से जुड़ सकते हैं।
फोटो_ग्राम गौ सेवक योजना से लाभान्वित कारी गांव निवासी किसान दशरथ सिंह का आवास।
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