

डीएम मनीष कुमार ने राजनीतिक दलों को किया सक्रिय, ईवीएम की जांच में भागीदारी और छूटे मतदाताओं के नाम जुड़वाने पर जोर
चंपावत। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को लेकर जिला निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में आलेख्य मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार ने मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचन संबंधी तैयारियों की जानकारी दी।

बैठक में ईवीएम-वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी), मतदान स्थलों के युक्तिकरण और फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण पर चर्चा हुई। डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से ईवीएम-वीवीपीएटी की जांच प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मशीनों से संबंधित शंकाओं का समाधान ईसीआईएल के अधिकृत इंजीनियरों से कराया जा सकता है। राजनीतिक दलों की सहभागिता से निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।
डीएम ने बताया कि मतदान स्थलों के नाम में संशोधन, स्थान परिवर्तन और पुनर्व्यवस्थापन संबंधी प्रक्रिया से राजनीतिक दलों को अवगत करा दिया गया है। यह कार्य दो नवंबर तक पूरा किया जाना है।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन और अन्य दावे-आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद 4जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
डीएम ने बताया कि एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर पात्र नागरिकों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से पात्र युवाओं और नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की।
सभी उपजिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में भाजपा के रोहित बिष्ट, कांग्रेस के श्याम सिंह कार्की, बसपा के अजय और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी डीएस अधिकारी मौजूद रहे।
फोटो_राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन तैयारियों को लेकर बैठक करते जिलाधिकारी मनीष कुमार एवं एडीएम केएन गोस्वामी।



