

सुरक्षित बचपन अभियान में बताए कानूनी अधिकार, पॉक्सो कानून और साइबर अपराधों से बचाव के तरीके
चंपावत। बच्चों को शोषण और दुर्व्यवहार से बचाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षित बचपन अभियान के तहत मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। बच्चों को साफ संदेश दिया गया कि गलत व्यवहार को नजरअंदाज न करें और किसी भी परेशानी में बिना डरे मदद मांगें।
मल्लिकार्जुन स्कूल, पुल्ड हाउस रोड में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका मित्तल गुप्ता की उपस्थिति में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। वहीं, होली फेथ पब्लिक स्कूल में सिविल जज (वरिष्ठ खंड) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भवदीप रावत की अध्यक्षता में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रमों में जिला प्रोबेशन विभाग, समाज कल्याण विभाग, बाल कल्याण समिति और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक समीर चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर 26 से 31 अक्टूबर तक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बच्चों को पॉक्सो अधिनियम-2012, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराधों और इंटरनेट व सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है।
शोषण छिपाएं नहीं, मदद मांगें_
जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी तरह के शोषण या दुर्व्यवहार की स्थिति में चुप रहना जरूरी नहीं है। बच्चे अपनी बात भरोसेमंद व्यक्ति तक पहुंचाएं और जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता सेवाओं का उपयोग करें। अभियान के तहत निःशुल्क विधिक सहायता और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि जरूरतमंद बच्चों और उनके परिवारों को समय पर कानूनी मदद मिल सके।
फोटो_सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देते अधिकारी।




