एआई कक्षाओं और तकनीकी संसाधनों ने बढ़ाई पहचान, गुणवत्ता सुधार पर हुई गहन चर्चा।
चंपावत। राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत में आज शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम पहल देखने को मिली, जब यूकॉस्ट संस्था की विशेषज्ञ डॉ. अर्चना पिल्लई ने विद्यालय की स्टेम लैब का आधिकारिक ऑडिट किया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने लैब के संसाधनों का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ-साथ छात्रों से सीधा संवाद कर उनकी तकनीकी समझ, नवाचार के प्रति रुचि और सीखने की क्षमता का भी आकलन किया। छात्रों में तकनीकी विषयों को लेकर उत्साह और जागरूकता स्पष्ट रूप से नजर आई।
निरीक्षण के पश्चात डॉ. पिल्लई ने विद्यालय के प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उपायों पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान प्रधानाचार्य उमेद बिष्ट ने विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्कूल में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण व सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस पूरे दौरे का सबसे अहम पहलू विद्यालय में हाल ही में शुरू की गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कक्षाएं रहीं। डॉ. अर्चना पिल्लई ने आधुनिक तकनीक को शिक्षा में शामिल करने के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विशेष रूप से स्टेम लैब की गुणवत्ता और एआई कक्षाओं के प्रभावी संचालन की प्रशंसा की, जिसका कुशल प्रबंधन लैब प्रभारी सूरज भट्ट द्वारा किया जा रहा है। दौरे के अंत में डॉ. पिल्लई ने विद्यालय प्रशासन और तकनीकी स्टाफ के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जीआईसी चंपावत शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से एक मॉडल संस्थान के रूप में उभर रहा है।
फोटो – जीआईसी चंपावत में स्टेम लैब का निरीक्षण करते हुए डॉ. अर्चना पिल्लई, साथ में प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट व विद्यालय स्टाफ।
चंपावत: जीआईसी चंपावत की स्टेम लैब का ऑडिट: आधुनिक शिक्षा मॉडल से प्रभावित हुईं विशेषज्ञ।
