शिकायतों का तत्काल लिया संज्ञान, अधिकारियों को फटकार के बाद अगले ही दिन शुरू हुई जलापूर्ति
लोहाघाट। बरसात के मौसम में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की शिकायतों को जिलाधिकारी मनीष कुमार ने गंभीरता से लेते हुए जल निगम और जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पर्याप्त बारिश होने के बावजूद लोगों के घरों तक पेयजल नहीं पहुंचना विभागीय लापरवाही का गंभीर उदाहरण है और ऐसी स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
पूनाकोट, बापरू, सिंगला समेत अन्य गांवों में पेयजल संकट की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने और हर हाल में जल्द जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आम जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी के सख्त रुख का असर अगले ही दिन दिखाई दिया। विभागीय टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रभावित गांवों में पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी। पूनाकोट गांव की पंपिंग योजना में तकनीकी खराबी आने पर जिलाधिकारी ने मरम्मत कार्य के साथ-साथ ग्रामीणों को टैंकरों के माध्यम से वैकल्पिक पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या से राहत मिली। जलापूर्ति बहाल होने पर स्थानीय लोगों ने संतोष जताते हुए जिला प्रशासन की सक्रियता की सराहना की।
फोटो_डीएम मनीष कुमार के निर्देशों के बाद पूनाकोट गांव में बहाल हुई पेयजल आपूर्ति से राहत महसूस करते ग्रामीण।

