

मनोज करायत के जज्बे को डीएम मनीष कुमार ने सराहा, पीआरडी को प्रशिक्षण के लिए संसाधन जुटाने के निर्देश
चंपावत। नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को नई राह दिखाकर सेना और पुलिस में भर्ती के योग्य बनाने वाले पूर्व एनएसजी कमांडो मनोज करायत को जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सम्मानित किया। पिछले पांच वर्षों से युवाओं को निःशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण दे रहे मनोज अब तक 150 से अधिक युवाओं को विभिन्न सुरक्षा बलों में भर्ती होने के योग्य बना चुके हैं।
सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद मनोज ने जीआईसी मैदान में नियमित दौड़ लगाना शुरू किया। इस दौरान उनकी नजर नशे की गलत संगत में पड़कर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे युवाओं पर पड़ी। उन्होंने इन युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण देकर जीवन की नई दिशा देने का संकल्प लिया। मनोज ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि वे उन्हें निःशुल्क प्रशिक्षण देंगे, चाहे वे सेना में भर्ती हों या नहीं।
मनोज के इस सराहनीय प्रयास की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उन्हें कार्यालय बुलाकर सम्मानित किया। इस दौरान एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम भी मौजूद रहे। डीएम ने कहा कि दूसरों की खुशियों में अपनी खुशी तलाशने वाले व्यक्ति से बड़ा महान कौन हो सकता है। उन्होंने मनोज के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। साथ ही पीआरडी के डीओ जसवंत खड़ायत को प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मनोज करायत ने कहा कि उनके प्रशिक्षित युवा जब सेना से छुट्टी लेकर घर लौटते हैं तो उनके चेहरों पर खुशी देखकर उन्हें बेहद संतोष मिलता है। युवाओं की सफलता ही उनकी सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने सम्मान के लिए जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि इस प्रोत्साहन से उन्हें और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
फोटो_ पूर्व एनएसजी कमांडो मनोज करायत को सम्मानित करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।




