चंपावत: पेपर लीक पर युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर, चंपावत में चौथे दिन भी नहीं थमा आंदोलन।

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जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज के विरोध में युवाओं ने भरी हुंकार, बोले—भविष्य से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं।

चंपावत। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ युवाओं का आक्रोश अब लगातार तेज होता जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षाओं की निष्पक्षता की मांग को लेकर चंपावत में युवाओं का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की।
युवाओं ने दो टूक कहा कि पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और उनके सपनों से जुड़ा गंभीर सवाल है। वर्षों तक कड़ी मेहनत, संघर्ष और तैयारी करने के बाद जब अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचते हैं और पेपर लीक या भर्ती में अनियमितताओं की खबर सामने आती है, तो उनका भरोसा पूरी व्यवस्था से उठने लगता है।


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों और भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे युवाओं के साथ पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
आंदोलनकारियों ने पेपर लीक की घटनाओं पर तत्काल रोक, दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी दोहराया।
युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को गांव-गांव और शहर-शहर तक ले जाया जाएगा। युवाओं ने साफ कहा कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन में संदीप भट्ट, सौरभ भारती, नैतिक जोशी, सौरभ टम्टा, सागर बाजरीकोटी सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

फोटो/व्यूजल_जंतर-मंतर की घटना के विरोध में चंपावत में चौथे दिन भी युवाओं का आंदोलन जारी।


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