चंपावत। जनगणना 2027 को लेकर चंपावत तहसील में तैयारियां अब तेजी पकड़ने लगी हैं। उप जिलाधिकारी एवं उपखंड जनगणना अधिकारी अनुराग आर्य के निर्देशन में तहसील सभागार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हो चुका है, जिसमें 50 केंद्रों के प्रगणक और राजस्व उप निरीक्षक/सुपरवाइजर भाग ले रहे हैं।
इस बार की जनगणना खास इसलिए भी है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल मोड में संपन्न होगी। यानी अब प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल और पोर्टल के माध्यम से डेटा सीधे ऑनलाइन अपलोड करेंगे, जिससे पारदर्शिता और सटीकता दोनों सुनिश्चित होंगी।
अनुराग आर्य ने बताया कि जनगणना 2027 देश की 16वीं जनगणना होगी, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद फरवरी 2027 में दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी।
चंपावत तहसील में यह प्रशिक्षण भी दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण 8 से 10 अप्रैल तक चल रहा है, जबकि दूसरा चरण 11, 13 और 15 अप्रैल को आयोजित होगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों को उन 33 महत्वपूर्ण सवालों की जानकारी दी जा रही है, जो पहले चरण में पूछे जाएंगे। ये सवाल मकान की बनावट से लेकर परिवार की स्थिति और बुनियादी सुविधाओं तक फैले हुए हैं—जैसे घर की संरचना, परिवार के सदस्यों की संख्या, सामाजिक वर्ग, पेयजल और बिजली का स्रोत, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, इंटरनेट, टीवी और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं।
तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी बृजमोहन आर्य ने सभी प्रगणकों को सख्त निर्देश दिए कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाएं और हर घर तक पहुंचकर सटीक व पूर्ण जानकारी एकत्र करें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की योजना निर्माण की मजबूत नींव है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त चार्ज अधिकारी पवन जुकरिया, राकेश फर्त्याल, जनगणना लिपिक कृष्णानंद जोशी, फील्ड ट्रेनर नीरज कुमार जोशी, राजेंद्र कुमार, स्वान इंजीनियर शुभम खर्कवाल, सुपरवाइजर हरीश गहतोड़ी, जीवन रिंगवाल, सुरेश राम, जीवंती कार्की, भुवन मेहता सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
चंपावत में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, प्रगणकों को दिया जा रहा हाईटेक प्रशिक्षण।
