चंपावत में होमगार्ड भर्ती पर उठा आरक्षण का सवाल, अनुसूचित जाति के युवाओं में गहरी नाराजगी।

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राज्य में 920 पदों में SC को 48 आरक्षित, लेकिन जिले में एक भी पद नहीं; भाजपा SC प्रकोष्ठ ने सीएम से हस्तक्षेप की मांग की।


चंपावत। जिले में चल रही होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग को एक भी पद आरक्षित न किए जाने से युवाओं में रोष और निराशा का माहौल है। जहां राज्य स्तर पर 920 पदों में SC वर्ग के लिए 48 पद आरक्षित किए गए हैं, वहीं चंपावत जनपद में कुल पदों में से एक भी सीट इस वर्ग को नहीं दी गई है।
जिले में आरक्षण की स्थिति पर नजर डालें तो सात पद अनारक्षित, तीन पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और तीन पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में 19 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान के बावजूद SC वर्ग को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाना सवाल खड़े कर रहा है।
भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सूरज कुमार ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि युवाओं की नाराजगी जायज है। उनका कहना है कि राज्य स्तर पर आरक्षण में कोई कटौती नहीं हुई है, लेकिन राज्य व जनपद स्तर पर कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है। नियमानुसार चंपावत में कम से कम तीन पद SC वर्ग के लिए आरक्षित होने चाहिए थे।
इस मुद्दे को लेकर धीरज कुमार, नीरज कुमार, अमित कुमार, मनोज कुमार सहित कई युवाओं ने भी कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से पार्टी और समाज के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन जब रोजगार की बात आती है तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है।
सूरज कुमार ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि संभवतः यह त्रुटि प्रांतीय स्तर पर हुई है, जिसे जल्द सुधारा जाना चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो। वैसे SC वर्ग को 19फीसदी आरक्षण मिलने पर जिले में तीन एवं राज्य स्तर पर 175 पद SC वर्ग के लिए आरक्षित होने चाहिए।


फोटो: सूरज कुमार, जिला अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ


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