चंपावत: लोहाघाट अस्पताल में वृद्धा की मौत पर बवाल, ऑक्सीजन सपोर्ट के दौरान जनरेटर विवाद से गरमाई सियासत।

Share This Post

परिजनों ने बिजली गुल होने पर जनरेटर नहीं चलने का लगाया आरोप, विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने सरकार को घेरा; जांच में जनरेटर में तेल मिलने की पुष्टि, कर्मचारी की लापरवाही प्रथम दृष्टया सामने आई।


लोहाघाट। उप जिला चिकित्सालय में शनिवार को 79 वर्षीय महिला मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। घटना ने देखते ही देखते राजनीतिक रंग ले लिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि बिजली गुल होने के दौरान ऑक्सीजन सपोर्ट बाधित हो गया और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी जनरेटर में तेल नहीं होने की बात कहता रहा। इसी बीच महिला ने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार नगर से सटे सुई-पऊ गांव निवासी 79 वर्षीय नंदा देवी, पत्नी ईश्वरी दत्त, फेफड़ों की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। कुछ दिन पहले उन्हें उप जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर एक दिन पहले फिर अस्पताल में भर्ती किया गया। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे ऑक्सीजन पर रहते हुए उनकी हालत बिगड़ गई। इसी दौरान बिजली चली गई और परिजनों के अनुसार जनरेटर समय पर चालू नहीं हो सका, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी ने जनता दरबार से ही मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवी चौहान और एसडीएम सदर को तत्काल अस्पताल भेजा।
मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने महिला की मौत को अस्पताल की गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसके बाद अस्पताल परिसर में भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया।
घटना के समय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. विराज राठी बाराकोट में थे। सूचना मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि जनरेटर में पहले से पर्याप्त तेल मौजूद था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने तेल नहीं होने की गलत जानकारी दी। प्रथम दृष्टया कर्मचारी की लापरवाही सामने आई है और उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उसे अस्पताल की सेवा से भी हटाया जा सकता है।
सीएमएस डॉ. विराज राठी ने बताया कि संबंधित कर्मचारी के कार्य व्यवहार को लेकर पहले भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका था।
वहीं, चिकित्सालय प्रबंधन समिति के सदस्य एवं नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा तथा सदस्य सचिन जोशी ने कहा कि फिजिशियन डॉ. राकेश जोशी सहित चिकित्सकों की टीम लगातार मरीज की निगरानी कर रही थी और डॉक्टरों की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई। उनका कहना था कि जनरेटर में तेल मौजूद था और तकनीकी स्तर पर हुई कर्मचारी की लापरवाही के कारण पूरे अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी माना कि यदि प्रथम दृष्टया सामने आई लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

फोटो_ लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में वृद्धा की मौत के बाद मौके पर पहुंचे विधायक खुशाल सिंह अधिकारी।


Share This Post