

लोहाघाट। जन्माष्टमी मेले में साधु का भेष धारण कर घूम रहे आठ संदिग्धों को चम्पावत पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, सभी बिना सत्यापन के मेले में घूमकर लोगों को टीका-पिठिया लगा रहे थे और इसके नाम पर धनराशि मांग रहे थे। पुलिस ने आठों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की है।
पुलिस मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कालनेमी के तहत लोहाघाट जन्माष्टमी मेले में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन और चेकिंग का अभियान चलाया गया। इसी दौरान पुलिस टीम की नजर साधु के वेश में घूम रहे आठ लोगों पर पड़ी। पूछताछ और सत्यापन में सभी ग्राम रानीगंज पिपरा, जनपद पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) के निवासी पाए गए।
पुलिस के अनुसार, मेले में बिना पूर्व सत्यापन पहुंचे इन लोगों द्वारा श्रद्धालुओं को टीका-पिठिया लगाकर पैसे मांगे जा रहे थे। इस पर पुलिस ने सभी आठ के खिलाफ धारा 81 पुलिस अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की। साथ ही उन्हें अपने मूल निवास लौटने की हिदायत दी गई। भविष्य में बिना सत्यापन इस तरह जनपद में प्रवेश कर गतिविधियां करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देश पर हुई कार्रवाई सीओ देवेन्द्र सिंह कप्रवाण के पर्यवेक्षण और लोहाघाट थाना प्रभारी अशोक कुमार के निर्देशन में की गई।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि धार्मिक आयोजनों में संदिग्ध गतिविधियों या धन मांगने वाले लोगों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को दें या 112 पर संपर्क करें।
फोटो_लोहाघाट जन्माष्टमी मेले में साधु के भेष में घूम रहे संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ करती पुलिस टीम।




