राजशेखर जोशी के प्रयासों से खुला कलेक्शन सेंटर, अब चंपावत-नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के किसानों को मिलेगा उत्पादन का सही दाम।
चंपावत। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सेतु आयोग के प्रयास अब जमीन पर असर दिखाने लगे हैं। आयोग के मुखिया राजशेखर जोशी की पहल पर किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है।
कॉर्पोरेट जगत में करीब 35 वर्षों का अनुभव रखने वाले जोशी ने अपनी मजबूत पकड़ का उपयोग करते हुए टाटा समूह की कंपनी बिगबास्केट के साथ समन्वय स्थापित कराया है। सेतु आयोग, उद्यान विभाग और उत्तराखंड हॉर्टिकल्चर बोर्ड के सहयोग से हल्द्वानी में पहला कलेक्शन सेंटर शुरू किया गया है, जहां किसानों से सीधे उत्पाद खरीदे जाएंगे और उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाया जाएगा।
इस सेंटर के माध्यम से चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के किसान अपने फल और सब्जियां सीधे लाकर बेच सकेंगे। साथ ही, जल्द ही कुमाऊं के रामगढ़ और गढ़वाल मंडल में भी नए कलेक्शन सेंटर खोले जाने की योजना है।
राजशेखर जोशी का कहना है कि दिल्ली जैसे महानगरों में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र इसके लिए बेहद उपयुक्त हैं। अब तक किसानों को सही बाजार नहीं मिलने के कारण उनकी मेहनत का उचित लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन इस पहल से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बिगबास्केट के अधिकारियों शिशु कुमार और विनोद कुमार ने आश्वासन दिया है कि कंपनी किसानों के साथ पूरी पारदर्शिता से काम करेगी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगी। वहीं, जिला उद्यान अधिकारी मोहित माली ने भी इस पहल को किसानों के लिए गेमचेंजर बताते हुए विभाग की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
स्थानीय सब्जी उत्पादकों ने इस पहल को किसानों की किस्मत बदलने वाला कदम बताया है। अब पहाड़ के किसानों का सीधा जुड़ाव बड़े बाजारों से होने जा रहा है, जिससे उन्हें उनके उत्पाद का सही मूल्य मिल सकेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
फोटो – राजशेखर जोशी
चंपावत: सेतु आयोग की पहल रंग लाई: पहाड़ के किसानों को मिला बड़ा बाजार, बिगबास्केट से सीधा जुड़ाव।

