लोहाघाट। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 36वीं वाहिनी में लगभग 39 वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं देने के बाद इंस्पेक्टर हरीश सिंह सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर आयोजित विदाई समारोह में अधिकारियों और हिमवीरों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कमांडेंट संजय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने इंस्पेक्टर हरीश सिंह के अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना की। कमांडेंट ने कहा कि हरीश सिंह जैसे जांबाज हिमवीरों के अथक परिश्रम और प्रतिबद्धता के कारण ही आईटीबीपी दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है।
अपने संबोधन में इंस्पेक्टर हरीश सिंह ने सेवा काल के अनुभव साझा करते हुए जवानों और अधिकारियों को सफलता का मूलमंत्र बताया। उन्होंने कहा कि निष्ठा, अनुशासन और समर्पण ही जीवन में सफलता की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने जवानों से हर कार्य को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसके कार्यों और व्यवहार से बनती है तथा किसी भी काम को टालने के बजाय समय पर पूरा करना चाहिए। उन्होंने कमांडेंट संजय कुमार के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा परिवार के मुखिया की तरह स्नेह, सहयोग और मार्गदर्शन मिला।
इस दौरान द्वितीय कमान अधिकारी सुबे सिंह, उप सेनानी राजकुमार, सहायक सेनानी गौरव कुमार, डॉ. शुभम मोहनपुरिया, सहायक सेनानी दीप सैनी, सहायक सेनानी अक्षय गणपति, अंकुर कुमार समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और हिमवीर मौजूद रहे।
फोटो_38 वर्ष 10 माह की सेवा पूरी करने के बाद इंस्पेक्टर हरीश सिंह को सम्मानपूर्वक विदाई देते आईटीबीपी की 36वीं वाहिनी के अधिकारी और हिमवीर।
चंपावत: 38 साल 10 माह तक देश सेवा का गौरवशाली सफर पूरा कर सेवानिवृत्त हुए इंस्पेक्टर हरीश सिंह।
